हिण्डन नदी सहायक नदियां सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ दिक्चालन सूची28°04′N 77°04′E / 28.067°N 77.067°E / 28.067; 77.06735°05′N 77°08′E / 35.083°N 77.133°E / 35.083; 77.13328°04′N 77°04′E / 28.067°N 77.067°E / 28.067; 77.067रावण के गाँव में नहीं मनता दशहराजहां रावण ने भी शिवलिंग की पूजा की थी।हाइड्रोलॉजी एण्ड वटर रिसोर्सेज़ ऑफ इंडिया- खंड-५७ - ट्रिब्यूटरीज़ ऑफ यमुना रिवरहिंडन नदी : जल बना जहरहिण्डन रिवर: गैस्पिंग फ़ॉर ब्रैथहिंडन नदी : जल बना जहर
भारत की नदियाँ
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| हिण्डन (हरनदी, हरनंदी) | |
| नदी | |
| देश | भारत |
|---|---|
| शहर | सहारनपुर, मेरठ, बरनावा, गाजियाबाद |
| स्रोत | ऊपरी शिवालिक |
| - स्थान | सहारनपुर जिला, भारत |
| - निर्देशांक | 35°05′N 77°08′E / 35.083°N 77.133°E / 35.083; 77.133 |
| मुहाना | यमुना |
| - निर्देशांक | 28°04′N 77°04′E / 28.067°N 77.067°E / 28.067; 77.067 |
| लंबाई | 400 कि.मी. (249 मील) |
| बेसिन | 7,083 कि.मी.² (2,735 वर्ग मील) |
हिण्डन नदी, उत्तरी भारत में यमुना नदी की एक सहायक नदी है। इसका पुरातन नाम हरनदी या हरनंदी भी था।[1][2] इसका उद्गम सहारनपुर जिला में निचले हिमालय क्षेत्र के ऊपरी शिवालिक पर्वतमाला में स्थित है। यह पूर्णत: वर्षा-आश्रित नदी है और इसका बेसिन क्षेत्र ७,०८३ वर्ग कि॰ मी॰ है। यह गंगा और यमुना नदियों के बीच लगभग ४०० कि॰ मी॰ की लम्बाई में मुज़फ्फरनगर जिला, मेरठ जिला, बागपत जिला, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा से निकलते हुए दिल्ली से कुछ दूरी पर यमुना मिल जाती है।[3] कभी महानगर की पहचान मानी जाने वाली हिंडन नदी का अस्तित्व खतरे में है। इसका पानी पीने लायक तो कभी रहा नहीं, अब इस नदी में प्रदूषण इतना बढ़ चुका है कि जलीय प्राणियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। ऐसे में हिंडन नदी अब केवल शोध करने तक ही सीमित रह गई है। इसमें ऑक्सीजन की मात्रा लगातार घटती जा रही है। वर्षा ऋतु में भी यह लगभग जलविहीन रहती है। नदी में लगातार औद्योगिक अपशिष्ट व पूजन सामग्री आदि डाले जाने से उसमें घुलित ऑक्सीजन की मात्रा दो से तीन मिलीग्राम प्रति लीटर रह गई है। शोधकर्ता डॉ॰ प्रसूम त्यागी के अनुसार प्रायः ऑक्सीजन का स्तर ६० लाख मिलीग्राम प्रति लीटर या ज्यादा होना चाहिए। यही कारण है कि नदी में मोहन नगर व छगारसी के पास ही जलीय जीवन के नाम पर केवल काइरोनॉस लार्वा ही बचा है, जो भारी जल प्रदूषण का संकेत है। यह सूक्ष्म जीव की श्रेणी में आता है।[4]
हिंडन नदी में मोहन नगर औद्योगिक क्षेत्र से डिस्टलरी का अपशिष्ट, वेस्ट डिस्चार्ज, धार्मिक पूजन सामग्री व मलमूत्र मिलते हैं। इसके बाद
छगारसी ग्राम में पशुओं को नहलाना व खनन आदि होता है, जिसके कारण प्रदूषण में बढोत्तरी होती है। लगभग दस साल पहले तक नदी में अनेक कशेरुकी प्राणी, मछलियां व मेढ़क आदि मिलते थे, जो कि वर्तमान में मात्र सूक्ष्मजीव, काइरोनॉमस लार्वा, नेपिडी, ब्लास्टोनेटिडी, फाइसीडी, प्लैनेरोबिडी परिवार के सदस्य ही बचे हैं।[4]
सहायक नदियां
दून घाटी से निकलती काली नदी, १५० कि॰मी॰ की यात्रा में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठऔर गाजियाबाद होते हुए हिंडन नदी में इसके यमुना में मिलन से पूर्व ही मिलती है। काली नदी भी उच्च प्रदूषण लेकर चलती है व पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बहुत सा प्रदूषित जल यमुना को पहुंचाती है।[3][5]
सन्दर्भ
↑ रावण के गाँव में नहीं मनता दशहरा। वेब दुनिया। १४ अक्टूबर २००७
↑ जहां रावण ने भी शिवलिंग की पूजा की थी। अमर उजाला
↑ अआ जैन, शरद के. (२००७). हाइड्रोलॉजी एण्ड वटर रिसोर्सेज़ ऑफ इंडिया- खंड-५७ - ट्रिब्यूटरीज़ ऑफ यमुना रिवर. स्प्रिंजर. पृ॰ 350. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1402051794. नामालूम प्राचल|coauthors=की उपेक्षा की गयी (|author=सुझावित है) (मदद).mw-parser-output cite.citationfont-style:inherit.mw-parser-output qquotes:"""""""'""'".mw-parser-output code.cs1-codecolor:inherit;background:inherit;border:inherit;padding:inherit.mw-parser-output .cs1-lock-free abackground:url("//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/6/65/Lock-green.svg/9px-Lock-green.svg.png")no-repeat;background-position:right .1em center.mw-parser-output .cs1-lock-limited a,.mw-parser-output .cs1-lock-registration abackground:url("//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/d/d6/Lock-gray-alt-2.svg/9px-Lock-gray-alt-2.svg.png")no-repeat;background-position:right .1em center.mw-parser-output .cs1-lock-subscription abackground:url("//upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/a/aa/Lock-red-alt-2.svg/9px-Lock-red-alt-2.svg.png")no-repeat;background-position:right .1em center.mw-parser-output .cs1-subscription,.mw-parser-output .cs1-registrationcolor:#555.mw-parser-output .cs1-subscription span,.mw-parser-output .cs1-registration spanborder-bottom:1px dotted;cursor:help.mw-parser-output .cs1-hidden-errordisplay:none;font-size:100%.mw-parser-output .cs1-visible-errorfont-size:100%.mw-parser-output .cs1-subscription,.mw-parser-output .cs1-registration,.mw-parser-output .cs1-formatfont-size:95%.mw-parser-output .cs1-kern-left,.mw-parser-output .cs1-kern-wl-leftpadding-left:0.2em.mw-parser-output .cs1-kern-right,.mw-parser-output .cs1-kern-wl-rightpadding-right:0.2em
↑ अआ हिंडन नदी : जल बना जहर
↑ ल्युविस, हीदर. हिण्डन रिवर: गैस्पिंग फ़ॉर ब्रैथ (अंग्रेज़ी में). मेरठ: जनहित फ़ाउण्डेशन.
बाहरी कड़ियाँ
हिंडन नदी : जल बना जहर। इंडिया वॉटर पोर्टल