अन्नामलाइ अनुक्रम स्थिति इंदिरा गाँधी अभयारण्य दृश्य सूचनाएं पर्यटन स्थल उपयुक्त समय आवागमन सन्दर्भ इन्हें भी देखें बाहरी कड़ियाँ दिक्चालन सूचीआनेमलई – बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्रसं

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तमिल नाडुकेरलइन्दिरा गांधी वन्य जीव अभयारण्यकोयम्बटुर




अन्नामलाइ

आनेमलई के उलंडी जंगलों में प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा पड़ा है जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। प्रकृति ने यहाँ अपने सौंदर्य की छटा खूब बिखेरी है। ये जंगल पश्चिमी घाट के पूर्वी ढलानों पर स्थित हैं। पेडो की पत्तियाँ हरे रंग की होती है लेकिन यहाँ का वातावरण ऐसा है कि इन पत्तियों का हरा रंग कई छटाएं लिए हुए है। यहाँ आने पर जंगल की खुबसूरती आपको मंत्र-मुग्ध कर देती है। पत्तियों की खड़-खड़ के साथ-साथ घाटी में गुंजती कोयल की कूक कानों को अद्वितीय संगीत का एहसास कराती है।




अनुक्रम





  • 1 स्थिति


  • 2 इंदिरा गाँधी अभयारण्य


  • 3 दृश्य


  • 4 सूचनाएं


  • 5 पर्यटन स्थल

    • 5.1 कोलिकामुट्ठी हाथी शिविर


    • 5.2 वारागिलयर हाथी शिविर



  • 6 उपयुक्त समय


  • 7 आवागमन


  • 8 सन्दर्भ


  • 9 इन्हें भी देखें


  • 10 बाहरी कड़ियाँ




स्थिति




अमरावती बांध


यह जंगल तमिल नाडु और केरल की सीमा पर है। इन जंगलों को इन्दिरा गांधी वन्य जीव अभयारण्य के नाम से जाना जाता है। इसका क्षेत्रफल लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इन जंगलों में हाथियों की संख्या बहुत अधिक है। यह अभयारण्य तमिलनाडु और केरल में बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहाँ पर परमबिकुलम, थूनाकुदावु और पेरूवरिपलम बांध दर्शनीय है। यह तीनों बांध परमबिकुलम में हैं।



इंदिरा गाँधी अभयारण्य




अन्नामलय पर्वतों से SH-17


इस अभयारण्य का नाम इन्दिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य है। इसके अलावा इसे अन्नामलाई अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। अभयारण्य में जंगली जीव बहुतायत संख्‍या में हैं। इस अभयारण्य को हाथियों का गढ माना जाता है। हाथियों के अलावा यहाँ चीते, तेंदुए, हिरण, जंगली सुअर और अन्य जंगली जानवरों की संख्या भी काफी है। अन्नामलाई अभयारण्य के साथ लगता हुआ परमबिकुलम वन्यजीव अभयारण्य भी काफी मनमोहक है। आप यहाँ जंगल की सैर के साथ-सा‍थ अपनी छुट्टि‍याँ बिताने भी आ सकते है।


अन्नामलाई अभयारण्य जाने के लिए आपको सबसे पहले पोलाची रोड से सेथुमदई चेकपोस्ट पहुँचना होगा। प्रवेश शुल्क देने के बाद आप अभयारण्य में प्रवेश कर सकते हैं। प्रवेश करने के बाद आपको सात किलोमीटर दूर उलंडी के जंगलो के मुख्यालय पहुँचना होगा। मुख्यालय पोलाची से 35 किलोमीटर दूर है। वहाँ पहुँचने पर सबसे पहले रिसेप्शन पर चेकपोस्‍ट से मिले अपने अनुमति पत्र की जांच करानी होती है। रिसेप्शन से आप जंगल के बारे में जानकारी ले सकते हैं। जिनमें गेस्ट हाउसों की जानकारी के साथ-साथ जंगल में आपातकाल के समय काम आने वाली जानकारी शामिल है। यहाँ पार्किग की सुविधा होने के साथ-साथ अभयारण्य के संबंध में भी पूरी जानकारी उपलब्‍ध है। मुख्यालय जंगल की सैर के लिए गाड़ी की सुविधा कुछ शुल्‍क के साथ्‍ा देता है। मुख्यालय करियन शोला, माउंट स्टुअर्ट ब्लॉक, कोलिकामुट्ठी हाथी शिविर और वारागलियर हाथी शिविर के लिए भी गाडी उपलब्ध कराता है। जंगल में जब आप सैर के लिए निकलते हैं तो पंडारावरई और कोलम्बु मलाई पर्वत श्रृंखला की सुन्‍दरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।



दृश्य


पहाडी से नीचे देखने पर जंगल और भी खुबसूरत दिखाई देता है। जंगल की हरियाली मन को शांति प्रदान करती है। जंगल के साथ लगता बन्दरगाह भी बहुत मनमोहक दृश्य उत्पन्न करता है। रात में यह नजारा और भी सुंदर दिखाई देता है। अगर इस समय कोई हिरण, जंगली सुअर या कोई और वन्य जीव दिखाई दे जाए तो उस दृश्य की छटा निराली होती है। करियन शोला के जंगल हरियाली से भरे हुए हैं। इन जंगलों में आप विविध प्रकार के पशु-पक्षियों को देख सकते हैं। जिसमें मालाबार पाइड होर्न बिल और लम्बी चोंच वाला मेमथ साइथ प्रमुख हैं। पहाडी़ से पश्चिम दिशा में चलने पर आप माउंट ब्लॉक पहुँच सकते हैं। यहाँ पर भालूओं की संख्या अच्छी खासी है। जंगल के विभागीय बंगले के आस-पास इनके पद-चिन्ह आसानी से देखे जा सकते हैं।


यहाँ पर आप ब्रिटिश अधिकारी हुइजो वुड की कब्र भी देख सकते हैं। उन्होंने इस जंगल के लिए बहुत से कल्‍याणकारी कार्य किया है। जब भी जंगल से बांस काटे जाते थे तो वह उन काटे हुए बांसो के स्थान पर नए पौधे लगाते थे। उनकी कब्र के पत्थर पर लैटिन भाषा में लिखा हुआ है कि अगर आप मुझे देखना चाहते हैं तो अपने चारों तरफ देखिए।


अन्नामलाई अभयारण्य में निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित है अगर आप निजी वाहन से यहाँ आते हैं तो आपको वाहन रिसेप्शन या जंगल के गेस्ट हाउस पर ही छोडना होगा। जंगल की सैर के लिए आपको केवल वन विभाग के वाहन ही प्रयोग करने होंगे। जिनमें विभाग की तरफ से दो वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रत्येक वाहन में 25 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।



सूचनाएं


प्रवेश शुल्क

जंगल की सैर के लिए आपको 25 रू. प्रवेश शुल्क देना होता है।


समय

घुमने का समय सुबह 6:00 से शाम 6:00 तक निश्चित है।


चेतावनी

अभयारण्य में मदिरा का सेवन निषेध है।



पर्यटन स्थल



कोलिकामुट्ठी हाथी शिविर


पहाडी़ से 7 किलोमीटर दूर माउंट स्टुअर्ट से आगे आदिवासियों का गांव हैं। जहाँ मालाशर जाति के लगभग 50 परिवार रहते हैं। मालाशर विशेषज्ञ महावत होते हैं। इस गांव में प्रवेश केवल वन विभाग की जीपों द्वारा ही संभव है।



वारागिलयर हाथी शिविर


यह शिविर 21 हाथियों का घर है। ये सब हाथी पालतू हैं। यह स्थान जंगल के 24 किलोमीटर अंदर है। ये हाथी उन जंगली हाथियों को खदेड़ने के काम आते हैं जो हाथी चाय के बागानों को नुकसाना पहुँचाते है। यहाँ पर हर किसी को प्रवेश की इजाजत नहीं है। यहाँ पर केवल वन संरक्षण अधिकारी की विशेष अनुमति से ही प्रवेश किया जा सकता है। वन संरक्षण अधिकारी का कार्यालय पोलाची में है। यहाँ पर वन विभाग द्वारा उपलब्‍ध जीप के द्वारा ही पहुँचा जा सकता है जिसके लिए 25 रू.शुल्क निर्धारित है।


जीप की सुविधा

प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें:-
वाइल्ड लाईफ वार्डन
इन्दिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य, 365-1
मीनाकरी रोड, पोलाची
जिला कोयम्बटुर
टेलीफोन:- 04259-225356
प्रवेश शुल्क 25 रू.



उपयुक्त समय


अन्नामलाई घूमने का सबसे अच्छा मौसम गर्मियों में जुन-जुलाई है, सर्दियों में नवम्बर-दिसम्बर है। अभयारण्य को मार्च-अप्रैल में बंद कर दिया जाता है।



आवागमन


वायु मार्ग

अन्नामलाई के सबसे करीब कोयम्बटुर हवाई अड्डा है। यहाँ से अन्नमलाई पहुँचने के लिए टैक्सी किराये पर ली जा सकती हैं।


रेलमार्ग

अन्नमलाई के सबसे करीब कोयम्बटुर रेलवे स्टेशन है। बंगलुरू से कन्याकुमारी एक्सप्रेस और बंगलुरू एक्सप्रेस द्वारा कोयम्बटुर पहुँचा जा सकता है।


सडक मार्ग

पोलाची बंगलुरू से राष्ट्रीय राजमार्ग 209 से जुड़ा हुआ है। इस मार्ग में कनकपुरा, चमारंजनगर, सत्यमंगलम आदि दर्शनीय स्थल भी आते हैं। यह रास्ता पहाडियों से होकर गुजरता है। आप इन स्थानों पर जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 7 का भी प्रयोग कर सकते है। इस मार्ग पर कृषनगरी में तमिलनाडु और पेरूनदरई होटल पडते हैं। यहाँ पर रूक कर आप लंच और विश्राम के साथ-साथ आगे की यात्रा के संबंध में जानकारी भी प्राप्त कर सकते है।



सन्दर्भ





इन्हें भी देखें


  • भारत के अभयारण्य


बाहरी कड़ियाँ


  • आनेमलई – बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्र







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