जसनाथ बाहरी कड़ियाँ दिक्चालन सूचीकतरियासर में बनेगा जसनाथ पनोरमादहकते अंगारों पर नाचते हैं बाबाजाट सन्त
हिन्दू गुरु
जसनाथी सम्प्रदायजोधपुरबीकानेरकतरियासरसिद्ध नाथ सम्प्रदाय
श्री गुरु जसनाथ जी महराज (१५३९ व समादी १५६३) , जसनाथी सम्प्रदाय के संस्थापक थे। जोधपुर, बीकानेर मंडलों में जसनाथ मतानुयायियों की बहुलता है। जसनाथ सम्प्रदाय के
पाँच ठिकाने, बारह धाम, चौरासी बाड़ी और एक सौ आठ स्थापना हैं। इस सम्प्रदाय में रहने के लिए छत्तीस नियम पालने आवश्यक हैं। चौबीस वर्ष की आयु में जसनाथ समाधिस्थ हुए थे। बीकानेर से सटे हुए कतरियासर गांव में आज भी इनकी समाधि विद्यमान है। बीकानेर से करीब 45 किलोमीटर दूर कतरियासर गाँव सिद्ध नाथ सम्प्रदाय के लोगों का मेला में लगता है।
ईस गांव कि ओरण व जसनाथ जी की बाड़ी की जगह गंगासिह क ज्यस्ट पुतर राव लुणकरण को परचा देने पर जसनाथ जी को भुमी दान मे दीनी थी
बाहरी कड़ियाँ
- कतरियासर में बनेगा जसनाथ पनोरमा
दहकते अंगारों पर नाचते हैं बाबा (समय अलाइव)- जाट सन्त
- जसनाथजी निर्गुण थे
- जसनाथ जी के प्रमुख शिष्य- हरोजी महाराज (बम्बलू) , हंसोजी महाराज (लिखमादेसर) , पालोजी महाराज (पुुुुनरासर)