शान्ति मंत्र अनुक्रम विभिन्न शान्ति मन्त्र इन्हें भी देखें दिक्चालन सूची
लेख जो फ़रवरी 2019 से स्रोतहीन हैंहिन्दू मंत्र
वेदोंमंत्रशान्तिप्रार्थना
शान्ति मन्त्र वेदों के वे मंत्र हैं जो शान्ति की प्रार्थना करते हैं। प्राय: हिन्दुओं के धार्मिक कृत्यों के आरम्भ और अन्त में इनका पाठ किया जाता है।
अनुक्रम
1 विभिन्न शान्ति मन्त्र
1.1 वृहदारण्यक उपनिषद तथा ईशावास्य उपनिषद
1.2 तैतरीय उपनिषद
1.3 तैतरीय उपनिषद, कठोपनिषद, माण्डुक्योपनिषद तथा श्वेताशेतोपनिषद
1.4 केन उपनिषद तथा छान्द्योग्य उपनिषद
1.5 ऐतरेय उपनिषद
1.6 मुण्डक उपनिषद, माण्डूक्य उपनिषद तथा प्रश्नोपनिषद
1.7 अन्य स्रोतों से
2 इन्हें भी देखें
विभिन्न शान्ति मन्त्र
वृहदारण्यक उपनिषद तथा ईशावास्य उपनिषद
- ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदम् पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।
- पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥
- ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
तैतरीय उपनिषद
ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः। शं नो भवत्वर्यमा। शं न इन्द्रो वृहस्पतिः। शं नो विष्णुरुरुक्रमः। नमो ब्रह्मणे। नमस्ते वायो। त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्मासि। त्वामेव प्रत्यक्षम् ब्रह्म वदिष्यामि। ॠतं वदिष्यामि। सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु। तद्वक्तारमवतु। अवतु माम्। अवतु वक्तारम्। ''ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
तैतरीय उपनिषद, कठोपनिषद, माण्डुक्योपनिषद तथा श्वेताशेतोपनिषद
- ॐ सह नाववतु।
- सह नौ भुनक्तु।
- सह वीर्यं करवावहै।
- तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥
- ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
केन उपनिषद तथा छान्द्योग्य उपनिषद
- ॐ आप्यायन्तु ममांगानि वाक्प्राणश्चक्षुः
- श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि।
- सर्वम् ब्रह्मौपनिषदम् माऽहं ब्रह्म
- निराकुर्यां मा मा ब्रह्म
- निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणम् मेऽस्तु।
- तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते
- मयि सन्तु ते मयि सन्तु।
- ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
ऐतरेय उपनिषद
- ॐ वां मे मनसि प्रतिष्ठिता
- मनो मे वाचि प्रतिष्ठित-मावीरावीर्म एधि।
- वेदस्य म आणिस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्
- संदधाम्यृतम् वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि तन्मामवतु
- तद्वक्तारमवत्ववतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्।
- ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
मुण्डक उपनिषद, माण्डूक्य उपनिषद तथा प्रश्नोपनिषद
- ॐ भद्रं कर्णेभिः श्रुणुयाम देवाः।
- भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः।
- स्थिरैरन्ंगैस्तुष्टुवागं सस्तनूभिः।
- व्यशेम देवहितम् यदायुः।
- स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः।
- स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
- स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः।
- स्वस्ति नो ब्रिहस्पतिर्दधातु ॥
- ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अन्य स्रोतों से
शान्ति मन्त्र कुछ अन्य स्रोतों से भी प्राप्त हुए हैं जिनमें से कुछ अत्यन्त प्रसिद्ध हैं।
- ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष शान्ति:
- पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।
- वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:
- सर्वँ शान्ति:, शान्ति शान्ति: सा मा शान्तिरेधि ॥
- ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥
इसी तरह,
- ॐ असतो मा सद्गमय।
- तमसो मा ज्योतिर्गमय।
- मृत्योर्माऽमृतं गमय।
- ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥
इन्हें भी देखें
- मन्त्र
- धारणी
- स्वस्ति मंत्र
- शान्तिमन्त्रः